Nirjala Ekadashi Tulsi Upay in Hindi: हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे सभी एकादशियों में सबसे पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ तुलसी माता की आराधना करने से विशेष फल प्राप्त होता है। यदि निर्जला एकादशी के दिन तुलसी से जुड़े उपाय किए जाएं तो जीवन में सुख-समृद्धि, आर्थिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए जानते हैं निर्जला एकादशी पर तुलसी के कौन-से उपाय शुभ माने जाते हैं।
1. भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें
निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय तुलसी दल अर्पित करें। यदि उसी दिन तुलसी तोड़ना हो तो इससे बचें, क्योंकि एकादशी पर तुलसी के पत्ते तोड़ना शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता है कि तुलसी अर्पित करने से भगवान विष्णु शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
2. तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं
शाम के समय तुलसी के पौधे के पास शुद्ध घी का दीपक जलाएं और भगवान विष्णु का स्मरण करें। इसके बाद “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
3. तुलसी की परिक्रमा करें
निर्जला एकादशी के दिन तुलसी माता की 11 या 21 बार श्रद्धापूर्वक परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान करें। इससे पापों का नाश होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होने लगती हैं।
4. तुलसी के पास जल अर्पित करें
सुबह स्नान के बाद तुलसी के पौधे में साफ जल या गंगाजल अर्पित करें। इसके बाद दीपक जलाकर पूजा करें। मान्यता है कि इस उपाय से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है तथा घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती।
5. विष्णु मंत्र का जाप करें
निर्जला एकादशी के दिन तुलसी के समीप बैठकर “ॐ नमो नारायणाय” या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। इस उपाय से मानसिक शांति मिलती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।
निर्जला एकादशी पर रखें इन बातों का ध्यान
- एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते या टहनियां नहीं तोड़नी चाहिए।
- भगवान विष्णु की पूजा में पहले से रखे हुए तुलसी दल का ही प्रयोग करें।
- सात्विक भोजन करें और क्रोध, झूठ तथा नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
- जरूरतमंद लोगों को जल, फल और अन्न का दान करना शुभ माना जाता है।








