BhaktiSaar

संगीत की देवी का शारदापीठ मंदिर, जहां नहीं बजाई जाती घंटी और वाद्ययंत्र

संगीत की देवी का शारदापीठ मंदिर, जहां नहीं बजाई जाती घंटी और वाद्ययंत्र

भारत लाखों ऐतिहासिक और चमत्कारी मंदिरों की पृष्ठभूमि रही है. जिनमें कला, ज्ञान और संगीत की देवी मां सरस्वती के भी चुनिंदा मंदिर विद्यमान है. उन्हीं मंदिरों में से माता का एक अनूठा मंदिर राजस्थान में भी विद्यमान है. जहां आरती किसी घंटी या वाद्यंत्र से नहीं की जाती. अब सवाल ये उठता है कि […]

संगीत की देवी का शारदापीठ मंदिर, जहां नहीं बजाई जाती घंटी और वाद्ययंत्र Read More »

भीम की गदा से बनी थी यहां झील, महादेव का किया जलाभिषेक

भीम की गदा से बनी थी यहां झील, महादेव का किया जलाभिषेक

उत्तराखंड के नैनीताल से लगभग 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भीमेश्वर महादेव मंदिर है. जो भीमताल डांठ से सटा हुआ है. भीमताल अपनी सुंदर झीलों के लिए जाना जाता है. मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना स्वयं पांडवों द्वारा की गई है. यहां महाभारतकालीन कई प्राचीन मूर्तियां भी विद्यमान हैं. भीमेश्वर महादेव मंदिर

भीम की गदा से बनी थी यहां झील, महादेव का किया जलाभिषेक Read More »

महाभारत के महान योद्धा थे खाटूश्याम बाबा के दादा !

महाभारत के महान योद्धा थे खाटूश्याम बाबा के दादा !

राजस्थान के सीकर शहर से लगभग 43 तिरतालिस किलोमीटर की दूरी पर बसे खाटू गांव में खाटूश्याम विराजते हैं. इस जगह को खाटूधाम भी कहते हैं. वैसे तो भारत में कई प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर हैं. लेकिन खाटू मंदिर का इतिहास महाभारत कालीन से जुड़ा है. मान्यता है कि इस मंदिर में बर्बरीक का शीश

महाभारत के महान योद्धा थे खाटूश्याम बाबा के दादा ! Read More »