घर में शौचालय के निर्माण से जुड़ी इस दिशा का रखें खास ख्याल!

घर में शौचालय के निर्माण से जुड़ी इस दिशा का रखें खास ख्याल!

वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं से जुड़ी हर सही-गलत दिशाओं का लेखा-जोखा है. हर चीज को लेकर उसकी उचित दिशा होती है. अगर उस चीज को सही दिशा में न रखा जाए तो वास्तु दोष लग सकता है. उन्हीं में से आज हम बात करेंगे घर के टॉयलेट की दिशा की. वास्तु शास्त्र में शौचालय की उचित दिशा दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा के बीच की बताई गई है. यदि किसी घर में शौचालय दक्षिण दिशा में बना हुआ है, तो ये मनुष्य की जिंदगी का यश और कीर्ति कम करती है.

खासतौर से इसका सामना घर की मंझली बेटी को करना पड़ता है. घर की इस सदस्य को सबसे ज्यादा दिक्कत आंखों में होती है. लेकिन अगर किसी कारणवश का आपका टॉयलेट दक्षिण दिशा में है, तो उसके गलत प्रभावों को कम करने के लिए टॉयलेट के दरवाजें पर तांबे की पत्ती जड़वानी सही मानी गई है.

घर में शौचालय के निर्माण से जुड़ी इस दिशा का रखें खास ख्याल!

इसके अलावा टॉयलेट के सीवर का गड्ढा दक्षिण-पश्चिम दिशा में भी नहीं होना चाहिए. गड्ढा खुदवाना भी हो तो ये भी दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा के बीच में खुदवाना सही माना गया है. अगर गड्ढा दक्षिण या दक्षिण पश्चिम दिशा में है तो इससे घर की लक्ष्मी पर दुष्प्रभाव पड़ता है.

साथ ही घर के सदस्यों को तरह-तरह की बीमारियों को झेलना पड़ता है और शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है. यदि इस दिशा में गड्ढा है भी तो उस जगह हाथी के पैर के नीचे की मिट्टी डालकर इसका निदान कर सकते है. इसके अलावा जमीन के जितने नीचे तक गड्ढा गहरा होता है उससे ज्यादा ऊंची टंकी शोचालय की छत पर होनी चाहिए.

इसी तरह से दक्षिण-पूर्व दिशा को भी शौचालय के लिए काफी अशुभ माना गया है. इस दिशा में शौचालय होने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है. इससे व्यापार क्षेत्र में बाधा भी पैदा हो सकती है. इसका सबसे ज्यादा असर सीधे घर की बड़ी बेटी को पड़ता है. अगर किसी कारण से घर की इस दिशा में शौचालय है भी तो इस दिशा में ज्यादा से ज्यादा लकड़ियां रखनी चाहिए. इसके अलावा समुद्री नमक का एक कटोरा रखने से भी थोड़ी मुश्किलें कम हो सकती है.