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‘सीना फाड़ दिखाई छवि सीयाराम की’ हनुमान ने क्यों चीरा अपना सीना?

‘सीना फाड़ दिखाई छवि सीयाराम की’ हनुमान ने क्यों चीरा अपना सीना?

श्रीराम के परम दास और भक्त माने जाने वाले हनुमान ने त्रेतायुग में श्रीराम की रावण पर जीत हासिल करवाने के लिए भगवान शिव के 11वें अंश के रूप में हनुमान ने अवतार लिया था. श्रीराम के साथ-साथ वे माता सीता के भी अति प्रिय थे. जिसके चलते माता सीता ने उन्हें चीरंजीवी होने का […]

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लड्डू गोपाल को घर में न छोड़े अकेले, अपनाएं ये नियम!

लड्डू गोपाल को घर में न छोड़े अकेले, अपनाएं ये नियम!

श्रीकृष्ण का हर कोई दिवाना है. उनकी चंचलता और नटखता के जगह-जगह बखान है. लोग कृष्ण को अनेक स्वरूपों में पूजते हैं. कोई उनके बाल रूप का दिवाना है, तो कोई उनके किशोर रूप का दिवाना है. नटखटता और चंचलता के साथ-साथ वे 64 गुणों के ज्ञानी और समस्त भगवद्गीता के उपदेशक भी हैं. लोगों

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भोलेनाथ ने अपने ललाट पर क्यों धारण किया हैं चंद्रमा?

भोलेनाथ ने अपने ललाट पर क्यों धारण किया हैं चंद्रमा?

हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित होता है. भगवान शिव की बात करें तो, उनके हाथों में डमरू, गले में नाग देव विराजित हैं. गंगा है उनकी जटा में, चंद्रमा हैं ललाट पर. वो सौम्य भी हैं, रौद्र भी हैं. आदि भी हैं, अंत भी हैं. हर तस्वीर

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