Ram Mandir: अयोध्या में होने जा रही प्राण प्रतिष्ठा के दिन राजा राम के 108 नामों का करें जाप, ये होगा मुहूर्त

Ram Mandir

पूरे भारत के लिए 22 जनवरी का दिन सबसे शुभ माना गया है। मुहूर्त भी शुभ, दिन भी शुभ और सबसे मंगलकारी। रामलला की बाल स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा अयोध्या में होनी है। सिर्फ अयोध्या में ही नहीं बल्कि पूरे देश में बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। अब जाहिर है कि रामलला की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा का सवाल है, इसके लिए ज्योतिषियों की मानें तो इसकी तिथि पौष महीने के शुक्ल पक्ष की द्वादशी के अभिजीत मुहूर्त में हैं।

ये होगा मुहूर्त

ज्योतिषियों की मानें तो इस दिन कई बड़े और अद्भुत संयोग बन रहे हैं, जो कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए सबसे अनुकूल है। अयोध्या में होने जा रही प्राण प्रतिष्ठा का समय 22 जनवरी को दोपहर में 12 बजकर 29 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट के बीच है।

शुरू कर दें तैयारियां

आपको प्राण प्रतिष्ठा का समय तो पता चल ही गया है। तो बस तैयारियां शुरू कर दीजिए। आप भी मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम पूजा अपने घर पर कर सकते है। 22 जनवरी के दिन आप स्नान आदि कर के पूरे विधि विधान के साथ प्रभु श्री राम की पूजा करें। आप ये तो चाहते ही होंगे की आपके ऊपर भगवान राजा राम की कृपा बनी रहे, इसके लिए आपको उनके 108 नामों का जप करना होगा।

भगवान राम के 108 नाम

१. श्री राम
२. रामचन्द्र
३. रामभद्र
४. शाश्वत
५. राजीवलोचन
६. श्रीमान् राजेन्द्र
७. रघुपुङ्गव
८. जानकीवल्लभ
९. जैत्र
१०. जितामित्र
११. जनार्दन
१२. विश्वामित्र प्रिय
१३. दांत
१४. शरण्यत्राणतत्पर
१५. बालिप्रमथन
१६. वाग्मी-
१७. सत्यवाक्-
१८. सत्यविक्रम
१९. सत्यव्रत
२०. व्रतफल
२१. सदा हनुमदाश्रय
२२. कौसलेय
२३. खरध्वंसी
२४. विराधवध-पंडित
२५. विभीषण-परित्राता
२६. दशग्रीवशिरोहर
२७. सप्ततालप्रभेता
२८. हरकोदण्ड- खण्डन
२९. जामदग्न्यमहादर्पदलन
३०. ताडकान्तकृत
३१. वेदान्तपार
३२. वेदात्मा
३३. भवबन्धैकभेषज
३४. दूषणप्रिशिरोरि
३५. त्रिमूर्ति
३६. त्रिगुण
३७. त्रयी
३८. त्रिविक्रम
३९. त्रिलोकात्मा
४०. पुण्यचारित्रकीर्तन
४१. त्रिलोकरक्षक
४२. धन्वी
४३. दण्डकारण्यवासकृत्
४४. अहल्यापावन:- अहल्याको पवित्र करनेवाले
४५. पितृभक्त
४६. वरप्रद
४७. जितेन्द्रिय
४८. जितक्रोध
४९. जितलोभ
५०. जगद्गुरु
५१. ऋक्षवानरसंघाती
५२. चित्रकूट – समाश्रय
५३. जयन्तत्राणवरद
५४. सुमित्रापुत्र- सेवित
५५. सर्वदेवाधिदेव
५६. मृतवानरजीवन
५७. मायामारीचहन्ता
५८. महाभाग
५९. महाभुज
६०. सर्वदेवस्तुत
६१. सौम्य
६२. ब्रह्मण्य
६३. मुनिसत्तम
६४. महायोगी
६५. महोदर
६६. सुग्रीवस्थिर-राज्यपद
६७. सर्वपुण्याधिकफलप्रद
६८. स्मृतसर्वाघनाशन
६९. आदिपुरुष
७०. महापुरुष
७१. परम: पुरुष
७२. पुण्योदय
७३. महासार
७४. पुराणपुरुषोत्तम
७५. स्मितवक्त्र
७६. मितभाषी
७७. पूर्वभाषी – पूर्ववक्ता
७८. राघव
७९. अनन्तगुण गम्भीर
८०. धीरोदात्तगुणोत्तर
८१. मायामानुषचारित्र
८२. महादेवाभिपूजित
८३. सेतुकृत
८४. जितवारीश
८५. सर्वतीर्थमय
८६. हरि
८७. श्यामाङ्ग
८८. सुन्दर
८९. शूर
९०. पीतवासा
९१. धनुर्धर
९२. सर्वयज्ञाधिप
९३. यज्ञ
९४. जरामरणवर्जित
९५. शिवलिंगप्रतिष्ठाता
९६. सर्वाघगणवर्जित
९७. परमात्मा
९८. परं ब्रह्म
९९. सच्चिदानन्दविग्रह
१००. परं ज्योति
१०१. परं धाम
१०२. पराकाश
१०३. परात्पर
१०४. परेश
१०५. पारग
१०६. पार
१०७. सर्वभूतात्मक
१०८. शिव