हिंदू धर्म में माँ दुर्गा को शक्ति, साहस और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि या अन्य शुभ अवसरों पर देवी दुर्गा की पूजा करने से भक्त के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। माँ की उपासना केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति और जीवन की सफलता का मार्ग भी दिखाती है।
आत्मबल और साहस की प्राप्ति
माँ दुर्गा को शक्ति की देवी कहा गया है। उनकी पूजा करने से मनुष्य को कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी साहस और आत्मविश्वास मिलता है। जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति भक्त को माँ की कृपा से प्राप्त होती है।
मानसिक शांति और तनाव से मुक्ति
भक्त जब श्रद्धा से माँ दुर्गा की आराधना करते हैं, तो उनके मन में शांति और स्थिरता आती है। पूजा, मंत्र जाप और ध्यान से तनाव और चिंता दूर होती है। मानसिक संतुलन बना रहता है, जिससे जीवन अधिक सुखद महसूस होता है।
परिवार में सुख-समृद्धि
धार्मिक मान्यता है कि माँ दुर्गा की पूजा करने से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। माता लक्ष्मी की तरह वे भी धन और सम्पन्नता का आशीर्वाद देती हैं। घर के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम और सौहार्द बढ़ता है।
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नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
माँ दुर्गा को असुरों का संहार करने वाली देवी माना जाता है। उनकी पूजा से भक्त पर आने वाली नकारात्मक शक्तियों और बुरी नजर का प्रभाव खत्म होता है। यह पूजा सुरक्षा कवच की तरह काम करती है और जीवन में सकारात्मकता भर देती है।
सफलता और मोक्ष की प्राप्ति
भक्त यदि सच्चे मन से माँ दुर्गा की पूजा करें तो जीवन में सफलता और सम्मान प्राप्त होता है। साथ ही उनकी आराधना मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त करती है। यह पूजा मनुष्य को सांसारिक जीवन के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति का भी अनुभव कराती है।








